Connection of d.c. supply
हेलो दोस्तो आप सबका में अक्षय फिर से एक बार इस साइट पर स्वागत करता हूं।
आज हम डी.सी. सप्लाय के कनेक्शन के बारे में बात करने वाले है
तो शरू करते है कि डी.सी. सप्लाय के कितनी तरह के कनेक्शन होता है। डी.सी. सप्लाय के दो तरह के कनेक्शन होते है
(1) सीरीज कनेक्शन
(2) परेलेल कनेक्शन
डी.सी. सप्लाय का इतना ज्यादा उपयोग तो होता नहीं परन्तु आपको बताना जरूरी है और कभी आपको काम लग सकता है। तो हम अब सीरीज कनेक्शन के बारे में करेंगे
(1) सीरीज कनेक्शन :- डी.सी. सप्लाय में सिर्फ प्रतिरोध ही होता है, सीरीज कनेक्शन यानी की दो और उससे ज्यादा प्रतिरोध को एक के बाद एक यानी पहले प्रतिरोध का दूसरा का दूसरा सिरा दूसरे प्रतिरोध के पहले सिरे के साथ जोड़ा जाता है।
सीरीज कनेक्शन कि गणतरी करने के लिए सभी प्रतिरोध की कीमत का योग किया जाता है।
ऊपर दी हुई सर्किट सीरीज कनेक्शन कि है इसका योग टोटल R = R 1+ R 2+ R 3 होता है।
(2) पेरेलेल कनेक्शन:- पेरेलेल कनेक्शन यानी की दो और उससे ज्यादा प्रतिरोध को एक के नीचे एक यानी की पहले प्रतिरोध का पहला सिरा और दूसरे प्रतिरोध का पहला सिरा जोड़ा जाता है, पहले प्रतिरोध के दूसरे सिरे को दूसरे प्रतिरोध के दूसरे सिरे के साथ जोड़ा जाता है।
ऊपर दी हुई सर्किट पेरेलेल कनेक्शन की है जिसका योग 1/R= 1/R1+ 1/R2+ 1/R3 होता हे।
तो दोस्तो इसके थोड़े उदाहरण है जो इसके बाद वाले पोस्ट में कर दूंगा क्युकी अभी मैने बनाया नहीं है
तो मिलते है अगले पोस्ट में
आपका दिन शुभ रहे
आज हम डी.सी. सप्लाय के कनेक्शन के बारे में बात करने वाले है
तो शरू करते है कि डी.सी. सप्लाय के कितनी तरह के कनेक्शन होता है। डी.सी. सप्लाय के दो तरह के कनेक्शन होते है
(1) सीरीज कनेक्शन
(2) परेलेल कनेक्शन
डी.सी. सप्लाय का इतना ज्यादा उपयोग तो होता नहीं परन्तु आपको बताना जरूरी है और कभी आपको काम लग सकता है। तो हम अब सीरीज कनेक्शन के बारे में करेंगे
(1) सीरीज कनेक्शन :- डी.सी. सप्लाय में सिर्फ प्रतिरोध ही होता है, सीरीज कनेक्शन यानी की दो और उससे ज्यादा प्रतिरोध को एक के बाद एक यानी पहले प्रतिरोध का दूसरा का दूसरा सिरा दूसरे प्रतिरोध के पहले सिरे के साथ जोड़ा जाता है।
सीरीज कनेक्शन कि गणतरी करने के लिए सभी प्रतिरोध की कीमत का योग किया जाता है।
ऊपर दी हुई सर्किट सीरीज कनेक्शन कि है इसका योग टोटल R = R 1+ R 2+ R 3 होता है।
(2) पेरेलेल कनेक्शन:- पेरेलेल कनेक्शन यानी की दो और उससे ज्यादा प्रतिरोध को एक के नीचे एक यानी की पहले प्रतिरोध का पहला सिरा और दूसरे प्रतिरोध का पहला सिरा जोड़ा जाता है, पहले प्रतिरोध के दूसरे सिरे को दूसरे प्रतिरोध के दूसरे सिरे के साथ जोड़ा जाता है।
ऊपर दी हुई सर्किट पेरेलेल कनेक्शन की है जिसका योग 1/R= 1/R1+ 1/R2+ 1/R3 होता हे।
तो दोस्तो इसके थोड़े उदाहरण है जो इसके बाद वाले पोस्ट में कर दूंगा क्युकी अभी मैने बनाया नहीं है
तो मिलते है अगले पोस्ट में
आपका दिन शुभ रहे


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