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A.C. parallel circuits of

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हेलो दोस्तो में अक्षय आप सभी फिर से स्वागत करता हूं। कल हमने ए.सी. सप्लाय के सीरीज कनेक्शन और उससे जुड़े हुए आर. एल.सी. कनेक्शन हमने कल देखे। आज हम ए.सी. सप्लाय के पेरेलेल का अभ्यास करेंगे। आ.सी. परेलेल सर्किट को सोल करने के लिए कुछ मेथड है जो हम लोग आज देखेंगे। उसमे जो भी मेथड आतिहे वो नीचे दी हुई है। आ.सी. परेलेल में 3 मेथड आती है। 1. वेक्टर / फेसर मेथड 2. कोम्प्लेक्स एलजिब्रा 3. एडमिटंस ये जो तीन मेठा उसमे से आज हम सिर्फ एक ही मेथड को पूरा देखेंगे यदि मेरे पास समय रहेगा तो में आज के आज सभी समझा दूंगा। तो चलो दोस्तो बिना देरी किए शरु करते है पहली मेथड। 1. वेक्टर / फेसर मेथड :- इसे समजेने के लिए कुछ सर्किट के जरूरत पड़ती है जो नीचे दी हुई है। ऊपर वाली पहली फोटो में एक परेलेल सर्किट दी हुई है। उसमे दो ब्रांच है। सर्किट परेलेल है इस लिए दोनों ब्रांचों को एक ही वोल्टेज मिलता है। पहली ब्रांच में प्रतिरोध R1 और उसकी सीरीज में एक इन्डक्टर L1 है। दूसरी ब्रांच में प्रतिरोध R2 और उसकी सीरीज में एक संधारित्र  C1 जुड़े हुए हैं। सप्लाय में से कुल कुल करंट लिया जाता है उ...

Series circuit of A.C. circuit

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हेलो दोस्तो में अक्षय आप सभी का फिर से स्वागत करता हूं इस साइट पर। तो परसों हमने ए.सी. फंडामेंटल्स के बारे में बात की थी। जिसमे सभी बेसिक डीटेल थी। आज हम कुछ ए.सी. सप्लाय के कनेक्शन देखेंगे। ए.सी. सप्लाय के दो कनेक्शन है उसमे से आज हम सीरीज कनेक्शन देखेंगे। दूसरा कनेक्शन कल या फिर कभी देखेंगे। तो चलो बिना देरी किए शरू करते है आज के इस टॉपिक को। पूरे इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों को दो व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है, एक सक्रिय घटक और दूसरा निष्क्रिय घटकों के रूप में। निष्क्रिय घटकों में रेसिस्टर (R), कैपेसिटर (C) और इंडक्टर (L) शामिल हैं। ये इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट में तीन सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले घटक हैं और आप उन्हें लगभग हर एप्लिकेशन सर्किट में पाएंगे। विभिन्न संयोजनों में एक साथ ये तीन घटक RC, RL और RLC सर्किट बनाएंगे और इनमें कई अनुप्रयोग हैं जैसे फ़िल्टरिंग सर्किट, ट्यूब लाइट चोक, मल्टीवीब्रेटर आदि। इसलिए इस ट्यूटोरियल में हम इन सर्किटों के मूल, पीछे के सिद्धांत को जानेंगे। उन्हें और हमारे सर्किट में उनका उपयोग कैसे करें। इससे पहले कि हम मुख्य विषयों में कूदें एक ...

A.C. Fundamentals

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हेलो दोस्तो आज तक हमने जो भी डिस्कशन किया वो सब डी.सी. का था। हमने डी.सी. सप्लाय को पूरा डिस्कस किया। और हमने जाना कि इलेक्ट्रिकल में डी.सी. सप्लाय को लेकर क्या क्या इंफॉर्मेशन जाननी जरूरी थी। आज हम बात करेंगे ए.सी. सप्लाय के बारे में ओर इसमें क्या क्या आता है वो सब देखेंगे पर आज के पोस्ट। मे सिर्फ ए.सी. फंडामेंटल्स को ही देखेंगे। ए.सी. फंडामेंटल्स में कई सारे टॉपिक आते है वो सारे आज हम जानेंगे। तो चलो बिना देरी किए शरु करते है।  1. वैकल्पिक करंट का अर् 2. वैकल्पिक ईएमएफ की उत्पत्ति 3. साइनसोइडल क्वांटिटीज (ईएमएफ, वोल्टेज या वर्तमान) 4. औसत और प्रभावी (आरएमएस) वैकल्पिक वोल्टेज के करंट  5. साइनसॉइडल वेव और अन्य विवरणों के फैक्टर और पीक फैक्टर। ऊपर दिए हुए टॉपिक को समजने के लिए कुछ चिजो को जानना जरूरी है जो नीचे दी हुई है। वैकल्पिक का अर्थ करंट वैकल्पिक ईएमएफ की पीढ़ी साइनसोइडल मात्राएँ (ईएमएफ, वोल्टेज या वर्तमान) औसत और प्रभावी (आरएमएस) वैकल्पिक वोल्टेज और करंट के मान औसत और प्रभावी (RMS) साइनसॉइडल करंट और वोल्टेज का मान साइनसॉइडल वेव का फॉर्म फैक्टर और पी...

Lows of Electrical Engineering

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हेलो दोस्तो में अक्षय फिर से एक बार आप सभी का इस साइट पर स्वागत करता हूं। दोस्तो मुझे माफ़ करना में कल कुछ काम में था इस लिए मैने पोस्ट नहीं किया। सो आज हम एक नए टॉपिक के बारे में बात करने वाले है जिसका नाम तो कई है पर शॉर्ट में कुछ जरूरी नियमो जो इलेक्ट्रिकल में आप सभी को काम आएंगे। में आज आप के लिए कुछ नियम के कर आया हूं जो सरल ओर छोटे है इसलिए आपको भी इसे समजनेमे आसानी होगी ऐसी आशा रखता हूं। तो बिना देरी किए शरु करते है हमारा आजका एक बेहद ही छोटा ओर अच्छा टॉपिक दोस्तो इलेक्ट्रिकल में भी कुछ नियम होते है जिसको पार किए बिना कुछ ऐसे काम हम लोग नहीं कर सकते क्युकी ये नियम ही ऐसे कामोमे सबसे पहले आकर खड़े हो जाते है। इस लिए ये कुछ नियम है जो आप सभी को सिखाने की कोशिश करता हूं। हमारे इलेक्ट्रिकल में जो भी नियम आते हे उसे मैने नीचे नाम दिए रखे हे। 1. किर्चोफ का नियम 2. कुलंब का नियम 3. फेराडे का नियम 4. इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इंडक्शन 5. जुल का नियम ऊपर जोभी नियम दिए गए है वो सब आज हमे पढ़ने हे। ओर इसका उपयोग कहा कहा होता ये सब हम देखेंगे। 1.  किर्चोफ का नियम :- हमारे...

Current Division Rule

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हेलो दोस्तो कल हमने कुछ उदाहरण देखें जिसमें हमने सीरीज और पेरेलेल के मिक्स और सिम्पल दोनों उदाहरण देखें। तो आज थोड़े आगे बढ़ते है और क्या करना ही वो देखते है। अब हमने आज तक जो भी सीखा वो इलेक्ट्रिकल का बेसिक था आज हम थोड़े कठिन टॉपिक पर जाते है। तो आज का कठिन टॉपिक बहोत ही खास है और ये याद भी रखना पड़ता है। इस टॉपिक का नाम करंट डिवीजन रुल है, ये रुल में दो पार्ट पड़ते है। जिसके बारे मे आज हम बात बात करने वाले है। करंट डिवीजन रुल मतलब कि जब हम प्रतिरोध को पेरेलेल में जोड़ते है तो करंट कहा कहा डिस्ट्रीब्यूट होता है। ये रुल में दो तरह के कनेक्शन आते है। पहले में दो प्रतिरोध को पेरेलेल में जोड़ते है और करंट का डिवीजन केसे होता है वो देखा जाता है। और दूस रेरे में तीन प्रतिरोध को पेरेलेल में जोड़ा जाता है और करंट कहा कहा डिस्ट्रीब्यूट होता है और इसकी कीमत केसे शोधी जाती है वो हम आज देखेंगे। तो चलो बिना देरी किए शरु करते है ये रुल और उसके दो प्रकार। 1. जब दो प्रतिरोध पेरेलेल में जोड़े जाते है ऊपर सर्किट 1 में दो प्रतिरोध को पेरेलेल में जोड़ा हुआ है और एक सोर्स के रूपमे बैटरी है...